Tuesday, November 8, 2016

Sad Poetry

सपने टूटे हैं, टुटा है ये दिल मेरा;
लोग फिर भी हमे ज़िंदा समझते हैं !
फूलों की चादर बिछी है इन राहों पे;
क्यों  हमें  फिर भी कांटे चुभते हैं !
समझो ना ये की ज़िन्दगी से हार गए हैं हम;
समंदर में फसी नाव जैसे हम बस किनारा ढूंढते हैं !

Monday, September 5, 2016

Poetry on love

सुना है तुम ले लेते हो बदला हर बात का..
आज़माएँगे कभी हम तेरे लबों को चूम के... !

Friday, January 8, 2016

टूटे हुए सपनों ने मार दिया...

टूटे हुए सपनों और छूटे हुए अपनों ने मार दिया...
वरना खुशी खुद हमसे मुस्कुराना सीखने आया करती थी !!!

Saturday, January 2, 2016

उसको रब से इतनी बार माँगा है.....

उसको रब से इतनी बार माँगा है की अब...
हम सिर्फ़ हाथ उठाते हैं.....
सवाल फरिश्ते खुद लिख देते हैं !!!

Monday, December 28, 2015

मेरी ख्वाहिशें

छोटी सी लिस्ट है मेरी ख्वाहिशों की
पहले भी तुम और आखरी भी तुम.....